क्या ह़ज़रते मौला अ़ली* رضیاللهتعالٰیعنہ*13 रजब को कअ़्बह के अन्दर पैदा हुए
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 क्या ह़ज़रते मौला अ़ली* رضیاللهتعالٰیعنہ *13 रजब को कअ़्बह के अन्दर पैदा हुए 🥀* इस्लाम के चौथे ख़लीफ़ह, अमीरुल मुअ्मिनीन, मौलाए काइनात, ह़ज़रते मौला अ़ली शेरे ख़ुदा کرم الله وجہہ الکریم की फ़ज़ीलत मुसल्लम है लेकिन *येह फ़ज़ीलत तारीख़े विलादत (पैदाइश की तारीख़) और जाए विलादत (पैदाइश की जगह) पर मौक़ूफ़ नहीं* जो इसमें ग़लत़ रिवायात और मुबालग़ह आराई से काम लिया जाए। कई स़ह़ाबए किराम علیہم الرضوان यहाँ तक कि ह़ज़रते सय्यिदुना स़िद्दीक़े अकबर رضی الله عنہ की भी तारीख़े विलादत स़ह़ीह़ सनद के साथ साबित नहीं। *इस की बुनियादी वजह येह है कि अहले अ़रब तारीख़े विलादत याद रखने का एहतिमाम नहीं करते थे,* लिहाज़ा मौला अ़ली کرم الله وجہہ الکریم की तारीख़े विलादत भी अह़ादीस की उम्महात और माख़ज़ किताबों में मज़कूर नहीं और जहाँ मज़कूर है वहाँ किसी स़ह़ीह़ सनद के साथ साबित नहीं, बअ़्ज़ों ने दूसरों पर एअ़्तिमाद करके अपनी किताबों में नक़ल कर दिया और बअ़्ज़ जगह ग़ैर मुस्तनद किताबों के ह़वाले से नक़ल कर दिया गया, यहाँ तक कि बदमज़हबों (शीओं) को भी जश्ने विलादते मौला अ़ली ...