पोस्ट पूरी पढ़े मेहरबानी होगी
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*🥀 पोस्ट पूरी पढ़े मेहरबानी होगी 🥀*
*👉 मेरे अज़ीज़ दोस्तों आज एक ज़रूरी बात आप तक पहुचाने की कोशिश कर रहा हूं जो अहले सुन्नत वल जमात के लिये जानना बहुत ही ज़्यादा ज़रूरी है।*
*कल बहुत ही मुबारक दिन था क्योंकि कल के ही दिन यौमे विसाल यारे गारे मुस्तफ़ा ﷺ अफ़ज़लुल बशर बाद अल अम्बिया हुज़ूर सैय्यदना सिद्दीक़ ए अकबर रदियल्लाहो तआला अन्हो हुआ था और ये वो सिद्दीक़ हैं जिन्हें अल्लाह ने सलाम भेजा है सैय्यदना सिद्दीक़ ए अकबर रदियल्लाहो तआला अन्हो की शान मैं क्या बयां करूं जब अल्लाह और उसके प्यारे मेहबूब खुद उनकी तारीफ़ करते हों "मैं तो इतना ही कहूंगा मेरे माँ बाप मेरी पूरी नस्ले क़ुर्बान या सिद्दीक़ ए अकबर आप पर"*
*कुछ दिनों से अहले सुन्नत को कुछ नाम निहाद सुन्नी जिनका असल में अहले सुन्नत से कोई ताल्लुक नही बल्कि वो राफ़ज़ीयत, तफ़ज़ीलियत इन बातिल फ़िरक़ों के अक़ीदे रख कर अहले सुन्नत को राफ़ज़ीयत की तरफ़ ले जा रहे हैं और आवाम को गुमराह कर रहे हैं। मतलब ये की ये लोग मौला ए क़ायनात को हज़रते सैय्यदना सिद्दीक़ ए अकबर रदियल्लाहो तआला अन्हो से बेहतर और अफ़ज़ल मानते हैं और मौला ए क़ायनात को पहला ख़लीफ़ा मानते हैं यहां तक कि क़व्वालियों में कहा जा रहा है "दमा दम मस्त क़लन्दर अली का पहला नंबर"* (माज़अल्लाह)...
*🗡️ये राफ़ज़ीयों (शियों) का अक़ीदा गढ़ कर अहले सुन्नत को गुमराह कर रहे हैं। जबकि सुन्नियों का अक़ीदा ये है कि*
*अबु बक्र सिद्दीक़ का पहला नंबर...*
*उमर फ़ारूक़ का दूसरा नंबर...*
*उस्माने गनी का तीसरा नंबर...*
*मौला अली का चौथा नंबर...*
*❤अल्हम्दुलिल्लाह हम सुन्नी हैं और हमारा अक़ीदा भी वही है जो मौला ए क़ायनात, दामादे रसूलुल्लाह ﷺ, शेरे ख़ुदा, मुश्किल कुशा का है।*
*👑मौला ए क़ायनात, हज़रते अली रदियल्लाहो तआला अन्हो इरशाद फ़रमाते हैं जो मुझे अबु बक्र सिद्दीक़ और उमर फारूक ए आज़म से अफ़ज़ल समझे मैं उसे 80 कोड़े मारूँगा।🗡️*
*अब हमें चाहिए कि हम अपने ईमान का जायज़ा लें और देखें कि इन नाम निहाद सुन्नियों ने हमारे ईमान को किस तरह से खोखला किया है*
*❤अज़ीज़ दोस्तों मेरा मक़सद हमेशा यही होता है कि मैं उन लोगों के अक़ीदे की इस्लाह कर सकूं जिन्हें अपने ईमान अक़ीदे का होश नही होता और ऐसे लोग जो उन जाहिल शैतानों की बातों में आते है जो अपने मतलब के लिए ईद ए ग़दीर (शियों का त्यौहार) मनाते है जिसमें ये कहते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने आज के दिन मौला अली को अपना पहला ख़लीफ़ा बनाया इसी दिन उन्हें विलायत का ताज पहनाया और हज़रते उस्माने गनी की शहादत की ख़ुशी मनाते हो जाहिलो (माज़अल्लाह), ऐसे लोगों को मैं जवाब देना चाहता हूं कि तुम जाहिल ईद ए ग़दीर के दिन कहते हो कि मौला अली को विलायत का ताज पहनाया गया, अबे सुनो हमारा अक़ीदा ये है कि मौला अली तो पैदा होते ही सहाबी हुए है और तुम उन्हें ईद ए ग़दीर के दिन वली बनाते फिरते हो झूठा इश्क़ है तुम्हारा*
*🔥सच तो ये है कि जब हज़रते सैय्यदना सिद्दीक़ ए अकबर का यौमे विसाल का दिन आता है तो तब तुम लोगों बुग्ज़ दिखता है सहाबा से*
*🤲🏻अल्लाह ऐसे तफ़ज़ीलियों से अहले सुन्नत की हिफाज़त फरमाए और तमाम सहाबा से उल्फ़त ओ मोहब्बत अता फ़रमाये और आज आप हज़रात अपने मकान दुकान मस्जिदों में फातेहा ख्वानी का एहतेमाम करें....*
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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